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H.E. Prof. Kaptan Singh Solanki, Governor of Tripura Inaugurated National Conference of Scientists & Engineers in Guwahati.

जीवन की पुन: इंजीनियरिंग पर राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन
 
त्रिपुरा के गवर्नर प्रोफेसर कप्तान सिंह सोलंकी ने 9 दिसंबर, रविवार को गुवाहाटी में वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। उन्होंने अपने उद्घाटन में ब्रह्माकुमारिज की गतिविधियों की सराहना की। उन्होंने 17 वीं शताब्दी में ब्रिटिश शताब्दी की व्याख्या की, 18 वीं शताब्दी फ़्रान्स सेंचुरी थी, 19वीं शताब्दी जर्मनी शताब्दी थी और 20 वीं शताब्दी यू.एस. शताब्दी थी और 21 वीं शताब्दी भारत शताब्दी होगी। भारत को बदलने के लिए ब्रह्माकुमारिज मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। ब्रह्माकुमारिज के प्रयास से भारत में निश्चित रूप से स्वर्ण युग आ जाएंगे। उन्होंने ब्रह्माकुमारिज , वैज्ञानिकों और इंजीनियर्स विंग की सेवा की भी सराहना की। उन्होंने सभी इंजीनियरों को ईमानदार अभियंता बनने और स्वर्ण युग लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
बी के शीला, उप क्षेत्र प्रभारी, गुवाहाटी ने सभी गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया और 700 इंजीनियरों ने पुन: इंजीनियरिंग जीवन पर राष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लिया।
बी के मोहन सिंघल, वैज्ञानिक और इंजीनियर्स विंग के उपाध्यक्ष ने आत्मा के अर्थ को समझाया, यानी अद्वितीय प्रकाश का विज्ञान। जीवन के अद्वितीय प्रकाश द्वारा पुनरभियांत्रीकरण का अनुभव करना  संभव है।
बी के भारत भूषण वैज्ञानिक और इंजीनियर्स विंग के राष्ट्रीय समन्वयक ने भारत की समस्याओं के बारे में बताया जो 4 p यानी गरीबी, जनसंख्या, प्रदूषण और सत्ता की भूख  से शुरू होता है। ब्रह्माकुमारिस 4 p यानी, शुद्धता, शांति, व्यावहारिक और उद्देश्य से सभी समस्याओं को खत्म कर रहे हैं।
भाई अनिल भुयान, पूर्व मुख्य अभियंता ने पुन: इंजीनियरिंग के लिए राजयोग के महत्व को भी समझाया।
बी के मौसामी ने राजयोग अभ्यास कराया।
बी के कविता इंचार्ज अगरतला ने मंच का संचालन किया।